यदि आप मेडिकल फील्ड में एक बेहतरीन भविष्य तलाश रहे हैं, तो Veterinary Science में Career बनाना आपके लिए एक शानदार विकल्प हो सकता है। बेजुबान जानवरों की देखभाल करने के साथ-साथ इस क्षेत्र में नौकरियों के भी बेहतरीन अवसर मौजूद हैं।
हर साल 6 जुलाई को विश्व पशुजन्यरोग दिवस (World Zoonoses Day) मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य पशुओं से इंसानों में फैलने वाली बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाना है। जैसे-जैसे लोग पेट्स (पालतू जानवर) पाल रहे हैं, वैसे-वैसे पशुओं की देखभाल और वेटेरनरी डॉक्टरों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
1. वेटेरनरी डॉक्टर का काम क्या होता है?
मानव डॉक्टरों के विपरीत, वेटेरनरी डॉक्टर के मरीज अपनी समस्या बोलकर नहीं बता सकते। इसलिए एक पशु चिकित्सक को अपनी विशेषज्ञता और जांच के आधार पर बीमारी का पता लगाना होता है।
मुख्य कार्य:
- पशु-पक्षियों के स्वास्थ्य की जांच करना और सही इलाज देना।
- घायल या बीमार पशुओं की ड्रेसिंग, सर्जरी और टीकाकरण (Vaccination) करना।
- पशु मालिकों को उनके खान-पान और सही रखरखाव की सलाह देना।
- पैथोलॉजी टेस्ट, एक्स-रे और सोनोग्राफी जैसी तकनीकों का उपयोग करना।
2. करियर और Scope: इस फील्ड में कितनी संभावनाएं हैं?
आजकल शहरों और कस्बों में पेट्स (कुत्ता, बिल्ली, खरगोश आदि) को परिवार के सदस्य की तरह रखा जाता है। इसके अलावा डेयरी फार्मिंग, पोल्ट्री फार्मिंग और वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन में भी विशेषज्ञों की भारी मांग है।
- रोजगार के अवसर: एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस सेक्टर में हर साल करीब 30,000 से अधिक नए अवसर पैदा होते हैं।
- कहां-कहां काम मिलता है:
- वेटेरनरी सर्विसेज/क्लीनिक: 80%
- खुद का क्लिनिक (Self-Employment): 14%
- सरकारी नौकरियां: 3%
- टीचिंग और एजुकेशन: 3%
3. जरूरी योग्यता (Qualification) और एडमिशन प्रक्रिया
वेटेरनरी डॉक्टर बनने के लिए आपको B.V.Sc & A.H. (Bachelor of Veterinary Science and Animal Husbandry) कोर्स करना होता है, जो 5.5 साल (1 साल की इंटर्नशिप सहित) का होता है।
- योग्यता: 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) विषय होना अनिवार्य है।
- एडमिशन प्रक्रिया (2026 अपडेट): अब लगभग सभी प्रमुख सरकारी और प्राइवेट वेटेरनरी कॉलेजों में प्रवेश NEET-UG परीक्षा के अंकों के आधार पर होता है।
- 15% ऑल इंडिया कोटा (AIQ) सीटों की काउंसलिंग Veterinary Council of India (VCI) द्वारा की जाती है।
- 85% सीटों के लिए संबंधित राज्य अपनी राज्य स्तरीय काउंसलिंग आयोजित करते हैं।
4. वेटेरनरी साइंस के बाद करियर ऑप्शन और सैलरी (Job Roles & Salary)
B.V.Sc की पढ़ाई पूरी करने के बाद केवल डॉक्टर बनना ही एकमात्र रास्ता नहीं है। आप अलग-अलग क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं:
| जॉब प्रोफाइल | संभावित वार्षिक आय (Salary per year) |
| वेटेरनरी डॉक्टर / सर्जन | ₹6 लाख से ₹24 लाख |
| कृषि एवं पशु वैज्ञानिक | ₹8 लाख से ₹15 लाख |
| पशु केयर/ट्रेनिंग वर्कशॉप सेंटर | ₹8 लाख से ₹15 लाख |
| वेटेरनरी टेक्नोलॉजिस्ट | ₹10 लाख से ₹12 लाख |
| वाइल्डलाइफ बायोलॉजिस्ट | ₹6 लाख से ₹12 लाख |
| पशु दंत चिकित्सक (Veterinary Dentist) | ₹6 लाख से ₹10 लाख |
| पशु आधारित माइक्रोबायोलॉजिस्ट | ₹6 लाख से ₹12 लाख |
| पशु नेत्र विशेषज्ञ (Ophthalmologist) | ₹5 लाख से ₹8 लाख |
| वेटेरनरी असिस्टेंट / लैब टेक्निशियन | ₹5 लाख से ₹8 लाख |

5. भारत के प्रमुख वेटेरनरी कॉलेज (Top Colleges)
यदि आप इस फील्ड में पढ़ाई करना चाहते हैं, तो भारत के शीर्ष संस्थान:
- IVRI (इंडियन वेटेरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट): इज्जतनगर, बरेली (यूपी)
- NDRI (नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट): करनाल (हरियाणा)
- GADVASU: लुधियाना (पंजाब)
- LUVAS: हिसार (हरियाणा)
- TANUVAS: चेन्नई (तमिलनाडु)
- MAFSU: नागपुर (महाराष्ट्र)
- WBUAFS: कोलकाता (पश्चिम बंगाल)
- KVASU: पोक्कोड (केरल)
- बिहार वेटेरनरी कॉलेज: पटना (बिहार)
- बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (फैकल्टी ऑफ वेटेरनरी साइंस): रांची (झारखंड)
निष्कर्ष (Conclusion)
वेटेरनरी साइंस न केवल एक सम्मानजनक और अच्छी कमाई वाला करियर है, बल्कि यह बेजुबान जानवरों की सेवा करने का एक बेहतरीन मौका भी देता है। यदि आप मेडिकल में MBBS से अलग कुछ नया और स्कोप से भरपूर चुनना चाहते हैं, तो यह आपके लिए बेस्ट विकल्प है।