ज्यादातर लोग सुबह जल्दी नहीं उठते क्योंकि उनके पास कोई वजह नहीं है। लक्ष्य ही आपको सुबह जल्दी बिस्तर से उठने की प्रेरणा देगा।
एक बार मैंने एक सेमिनार में कई अहम बातों का जिक्र करते हुए निजी नेतृत्व पर कुछ अंतर्दृष्टि डाली- जिसकी शुरुआत सुबह जल्दी उठने को लेकर की जिससे एक इंसान के रूप में विश्व स्तर पर पहुंचा जा सकता है। यह सुनते ही कमरे में शांति छा गई। मुझे लगा जैसे मैंने कुछ गलत कह दिया हो। इसके खत्म होने के बाद मैं व्यक्तिगत रूप से दर्शकों से मिला। चकित करने वाली बात यह थी कि कई लोगों ने मुझे सुबह जल्दी उठने की आदत के बारे में पूछा। हम यह आसानी से भूल जाते हैं कि बाहरी चीजें हमारे भीतर के जीवन को प्रतिबिंबित करती हैं।

सुबह जल्दी उठ कर अपने अंदर की इच्छाओं के लिए काम करें, जिससे आपका दिन नाटकीय रूप से बेहतर बन जाएगा। आप में ही अगर ऊर्जा नहीं है, तो आपके इर्दगिर्द के लोगों पर अपना सकारात्मक प्रभाव कैसे बना पाएंगे? जल्दी उठें और खुद को अंदर से पहचानें, अपनी सोच का विस्तार करने, जीवनदर्शन में पहनापन लाने या फिर अपने लक्ष्य की समीक्षा करें, जो वक्त की बर्बादी नहीं है। यह आपको एक श्रेष्ठ नेता के रूप में तैयार करेगा। यहां मैं आपको ऐसे कुछ व्यावहारिक नुस्खे बताने जा रहा हूं जो आपको जल्दी उठने के लिए प्रेरित करेंगे (सुबह 5 बजे, जो अच्छा है):
- घड़ी का अलार्म बजने के बाद भी बिस्तर पर सुस्ताएं नहीं। बिस्तर से उठें और अपना दिन शुरू करें। अलार्म होने के बाद भी अगर आप बिस्तर पर लेटे रहे तो आप मन ही मन बकवास करते रहेंगे।
- लक्ष्य आपके जीवन की सांस हैं और दिन की ऊर्जा। ज्यादातर लोग सुबह जल्दी नहीं उठते क्योंकि उनके पास कोई वजह नहीं है। आपके उत्साह (और जल्दी उठने) की वजह हैं उद्देश्य। लक्ष्य ही आपको सुबह जल्दी बिस्तर से उठने की प्रेरणा देगा। अपनी डायरी निकालना कर उसमें तय लक्ष्यों को लिखें, जो आपके जीवन के मूल आयाम हैं और उन पर ध्यान केंद्रित करें जो आपको बेहतर परिणाम दें।
- अपने डर को भगाने और श्रेष्ठ जीवन जीना सीखने के लिए आयोजित कार्यशाला अवेकिंग बेस्ट सेल्फ वीकेंड जहां विश्वभर के लोग हिस्सा लेते हैं, वहां पर मैंने यह बात कही थी। इसमें हिस्सा लेने वाले स्पेन के एक प्रतिभागी का मुझे मेल आया। इस छोटी सी युक्ति ने उनका पूरा जीवन बदल दिया। वे सोचती हैं कि वे 6 बजे उठ रही हैं, हालांकि वे 5.30 बजे ही उठ रही हैं। अपने इस समय का उपयोग वह ध्यान या व्यायाम में लगाती है। तो 5 बजे के क्लब में शामिल हो जाइए। बिस्तर के साथ की जंग में जीतें।

निजी परिवर्तन शुरुआत में बहुत ही मुश्किल होता है। यह एक दिन या एक सप्ताह में नहीं होता। अपनी पुरानी आदतों से बाहर आने के लिए समय लगता है। लेकिन आज से चार सप्ताह बाद आपका जीवन बहुत ही अच्छा बन जाएगा। अगर आप इस युक्ति का चयन करें। जीवन में नई आदत स्थापित करने के लिए हमेशा 30 दिन का समय दें। बेंजामिन फ्रेंकलिन ने एक बार जो बात कही है वह याद रखें:
“मौत के बाद सोने के लिए समय ही समय है।“