नैनोटेक्नोलॉजी या नैनोसाइंस का प्रयोग विभिन्न सेक्टर में किया जाता है। रिसर्च आधारित फील्ड होने के कारण इसके कोर्स पोस्टग्रेजुएट स्तर पर ही मौजूद हैं। इसके प्रोफेशनल्स के लिए नौकरियों के अवसर देश के साथ विदेशों में भी हैं।
मास्टर कोर्स कर बना सकते हैं नैनोटेक्नोलॉजी में करियर
साइंस में हुए महत्वपूर्ण बदलावों में से एक नैनोटेक्नोलॉजी का विकास भी है। रिसर्च आधारित इस क्षेत्र की वजह से विभिन्न क्षेत्रों में कई बड़े प्रयोग सफल हुए हैं। वर्तमान में कृषि उत्पादन बढ़ाने से लेकर तकनीक के क्षेत्र में नैनोटेक्नोलॉजी का उपयोग होता है। अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों को अपने उत्पादों के डिजाइन तैयार करने से लेकर इसके लिए बेसिक मटेरियल तैयार करने हेतु नैनोटेक्नोलॉजी या नैनोसाइंस के प्रोफेशनल की जरूरत होती है। शोध आधारित क्षेत्र होने के कारण इसमें प्रोफेशनल के लिए देश के साथ-साथ विदेशों में काम करने के अवसर होते हैं।
क्या है नैनोटेक्नोलॉजी
नैनो-टेक्नोलॉजी अप्लाइड साइंस है, जिसमें 100 नैनोमीटर से छोटे पार्टिकल्स पर भी काम किया जाता है। नैनो एक ग्रीक शब्द है, जिसका अर्थ है ‘बौना या बहुत छोटा’। नैनोटेक्नोलॉजी में काम आने वाले पदार्थों को नैनोमैटिरियल्स कहा जाता है। नैनोटेक्नोलॉजी का उपयोग पॉलीमर व कंप्यूटर चिप्स बनाने में होता है। इसके अलावा इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, वस्त्र उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार, घरेलू उपकरण, कागज और पैकिंग उद्योग, आहार, वैज्ञानिक उपकरण, चिकित्सा और स्वास्थ्य, खेल जगत, ऑटोमोबाइल्स, सिक्योरिटी, अंतरिक्ष विज्ञान, कॉस्मेटिक्स, अनुसंधान और विकास जैसे क्षेत्र में इसका उपयोग होता है।

कैसे मिलेगा प्रवेश
नैनोटेक्नोलॉजी के बैचलर कोर्स कुछ ही संस्थानों में उपलब्ध हैं। अधिकांश संस्थानों में इसके एमटेक या एमएससी कोर्स संचालित किए जाते हैं। 50 फीसदी अंकों के साथ केमिस्ट्री, मैथ्स, फिजिक्स, लाइफ साइंस से संबंधित बैचलर कोर्स करने वाले छात्र नैनोसाइंस के एमएससी कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। वहीं एमटेक कोर्स में प्रवेश के लिए संबंधित स्ट्रीम से बीटेक या एमएससी डिग्री जरूरी है। इसके अलावा प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश के लिए गेट का वैलिड स्कोर जरूरी होता है। रिसर्च एंड डेवलपमेंट या शिक्षण क्षेत्र में काम करने के लिए छात्र पीएचडी का विकल्प चुन सकते हैं। पीएचडी में प्रवेश के लिए नेट, जेआरएफ का स्कोर जरूरी होता है।
जरूरी स्किल
- एनालिटिकल स्किल
- मैथमेटिकल स्किल
- साइंटिफिक टेम्परामेंट
- रिसर्च वर्क
कहां से कर सकते हैं कोर्स
- जेएनयू, दिल्ली
WWW.JNU.AC.IN/
- आईआईएससी, बेंगलुरु
WWW.IISC.AC.IN/
- एनआईटी, कुरुक्षेत्र
WWW.NITKKR.AC.IN/
- एमएनआईटी, भोपाल
WWW.MANIT.AC.IN/
कहां कर सकते हैं जॉब
स्पेशलाइज्ड और रिसर्च आधारित कोर्स होने के कारण इसमें हाई स्किल्ड प्रोफेशनल की जरूरत होती है। नैनोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने वाले छात्र फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, एनर्जी केमिकल्स आदि क्षेत्रों में जॉब कर सकते हैं। नैनो मेडिसिन, बायोइंफॉर्मेटिक्स, स्टेम सेल्स डेवलपमेंट के साथ-साथ इन प्रोफेशनल के लिए एग्रीकल्चर इंडस्ट्री, एनवायरमेंट इंडस्ट्री, फूड एंड बेवरेजेस, जेनेटिक्स और फॉरेंसिक सेक्टर में जॉब के अवसर होते हैं।
क्या होगा सैलरी पैकेज
नैनोटेक्नोलॉजी से मास्टर डिग्री कर चुके प्रोफेशनल को शुरुआत में ही 3 से 4 लाख रुपए सालाना का औसत पैकेज मिलने की संभावना है। क्वालिफिकेशन और संस्थान के अनुसार यह भिन्न हो सकता है। कुछ वर्ष के अनुभव के बाद 6 से 12 लाख रुपए सालाना तक सैलरी मिल सकती है। हालांकि रिसर्च आधारित क्षेत्र होने के कारण इसमें जॉब के अवसर विदेशों में भी होते हैं और वहां पैकेज भी कहीं ज्यादा मिलता है।