डिजिलॉकर क्या है और इसमें दस्तावेज सुरक्षित कैसे रखें? जब भी हम किसी इंटरव्यू, नौकरी, कॉलेज एडमिशन या सरकारी काम के लिए जाते हैं, तो हमें अपनी 10वीं-12वीं की मार्कशीट, डिग्री, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और पासपोर्ट जैसे कई जरूरी ओरिजनल दस्तावेज साथ रखने पड़ते हैं। हमेशा यह डर बना रहता है कि कहीं रास्ते में ये कीमती कागजात खो न जाएं।
इसी समस्या का पक्का समाधान देने के लिए भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (MeitY) ने डिजिटल लॉकर (DigiLocker) सेवा शुरू की है। इसे ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान के तहत जुलाई 2015 में लॉन्च किया गया था।
यह एक प्रकार का वर्चुअल लॉकर (ऑनलाइन तिजोरी) है, जहां आपके सभी कागजात डिजिटल रूप में एकदम सुरक्षित रहते हैं और आपको हर जगह भारी-भरकम फाइल साथ ले जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
डिजिलॉकर के मुख्य फायदे (Features & Benefits)
- सरकारी व प्राइवेट हर जगह मान्य: डिजिलॉकर में मौजूद आपके ई-दस्तावेज और डिजिटल ई-साइन सरकारी विभागों से लेकर प्राइवेट कंपनियों, कॉलेजों और एयरपोर्ट/ट्रेन वेरिफिकेशन तक हर जगह पूरी तरह मान्य होते हैं।
- दस्तावेज खोने का कोई डर नहीं: ओरिजनल कागजात अपने घर की तिजोरी में सुरक्षित रखें और बाहर केवल अपने मोबाइल से डिजिलॉकर के डिजिटल डॉक्यूमेंट्स दिखाएं।
- डिजिटल ई-साइन (e-Sign) की सुविधा: आप अपने अपलोड किए गए दस्तावेजों पर घर बैठे डिजिटल हस्ताक्षर (ई-साइन) भी कर सकते हैं।
- कौशल और शैक्षणिक प्रमाण पत्र: अब सीबीएसई बोर्ड रिजल्ट, यूनिवर्सिटी डिग्रियां और यूपी कौशल विकास मिशन जैसे प्रशिक्षण प्रमाण पत्र भी सीधे डिजिलॉकर में उपलब्ध हो जाते हैं, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लगती है।
- मुफ्त स्टोरेज: प्रत्येक यूजर को अपने स्कैन किए गए पुराने दस्तावेजों को अपलोड करने के लिए 1GB का पर्सनल क्लाउड स्टोरेज मुफ्त मिलता है।

DigiLocker अकाउंट कैसे बनाएं? (Step-by-Step Guide)
डिजिलॉकर का उपयोग करने के लिए आपके पास आधार कार्ड होना जरूरी है। खाता बनाने का तरीका बेहद आसान है:
- वेबसाइट या ऐप पर जाएं: आधिकारिक वेबसाइट
digilocker.gov.inपर जाएं या फिर अपने फोन के Google Play Store / Apple App Store से DigiLocker App डाउनलोड करें। - Sign Up करें: अपना नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और आधार नंबर दर्ज करके ‘Sign Up’ करें। ध्यान रखें कि आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना चाहिए।
- ओटीपी (OTP) वेरिफिकेशन: आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर आया हुआ ओटीपी डालकर वेरिफिकेशन पूरा करें।
- यूज़र आईडी व पिन बनाएं: अपना 6-अंकों का सिक्योरिटी पिन (Password/PIN) सेट करें। अकाउंट एक्टिवेट होने के बाद आप आसानी से लॉगिन कर सकते हैं।
- सोशल मीडिया लॉगिन: आप अपने जीमेल (Gmail) या सोशल मीडिया अकाउंट के जरिये भी लॉगिन प्रक्रिया में मदद ले सकते हैं।
डिजिलॉकर में दस्तावेज कैसे अपलोड और शेयर करें?
लॉगिन करने के बाद आपको ऐप/वेबसाइट में मुख्य रूप से 2 सेक्शन मिलेंगे:
- Issued Documents (जारी किए गए दस्तावेज): इसमें वे कागजात खुद-ब-खुद दिखते हैं जिन्हें सरकारी विभाग (जैसे UIDAI, RTO, CBSE, Income Tax) ने सीधे आपके आधार के आधार पर जारी किया है।
- Uploaded Documents (अपलोड किए गए दस्तावेज): अगर कोई ऐसा कागज है जो सिस्टम में नहीं दिख रहा, तो आप ‘Upload Documents’ या ‘My Certificates’ बटन पर क्लिक करके अपने स्कैन किए हुए कागजात (PDF, JPEG, PNG format) खुद अपलोड कर सकते हैं और उन पर ई-साइन भी कर सकते हैं।

आधिकारिक संपर्क जानकारी (Contact Details)
यदि डिजिलॉकर का उपयोग करते समय आपको किसी प्रकार की समस्या आती है, तो आप भारत सरकार के आधिकारिक विभाग से संपर्क कर सकते हैं:
- विभाग: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (भारत सरकार)
- पता: इलेक्ट्रॉनिक्स निकेतन, 6, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड, नई दिल्ली – 110003
- ई-मेल: webmaster@digitalindia.gov.in
- हेल्पलाइन नंबर: +91-11-24301851